गायत्री मंत्र — ओं भूर्भुवः स्वः का संपूर्ण अर्थ, महत्व और 108 बार जाप के लाभ
गायत्री मंत्र — वेदों का सार है। ऋग्वेद का यह मंत्र हजारों वर्षों से मनुष्य को दिव्य प्रकाश की ओर ले जा रहा है।
गायत्री मंत्र — मूल पाठ
ओं भूर्भुवः स्वः
तत्सवितुर्वरेण्यम्
भर्गो देवस्य धीमहि
धियो यो नः प्रचोदयात्
संपूर्ण अर्थ
"हम उस सर्वशक्तिमान सविता के श्रेष्ठ तेज का ध्यान करते हैं — और प्रार्थना करते हैं कि वह दिव्य शक्ति हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करे।"
गायत्री मंत्र के लाभ
- बुद्धि और विवेक का विकास।
- एकाग्रता और स्मृति शक्ति में वृद्धि।
- तनाव से मुक्ति और मानसिक शांति।
- नकारात्मक शक्ति से रक्षा।
जाप विधि
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से डेफ़ घंटे पहले) सर्वोत्तम समय है। पूर्व दिशा की ओर मुख करके स्फटिक माला पर 108 बार जाप करें।
हमारे गायत्री मंत्र पृष्ठ पर 108 जाप काउंटर से अपनी साधना आरंभ करें।